` जानिए केसर का उपयोग किन-किन बीमारियों से हमारी रक्षा करता है

जानिए केसर का उपयोग किन-किन बीमारियों से हमारी रक्षा करता है

जानिए केसर का उपयोग किन-किन बीमारियों से हमारी रक्षा करता है

आयुर्वेद में केसर के अनेक गुण बताए गए हैं। केसर में कई ऐसे औषधीय तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर को पूर्ण रूप से स्वस्थ रखने में सहायक होते हैं। केसर खाद्य पदार्थ और पेय पदार्थ (जैसे दूध) दोनों को ही रंगीन और सुगंधित करता है। प्रतिदिन 5 से 20 पंखुड़ी केसर का इस्तेमाल शरीर के लिए फायदेमंद होता है।

kesar advantages, saffron benefits in ayurveda

केसर हमारे चेहरे का रंग निखारने में मददगार होता है

केसर त्वचा को खूबसूरत बनाता है। इसके उपयोग से चेहरे पर निखार आता है और रंग भी गोरा होता है। चेहरे की सुंदरता बढ़ाने के लिए नारियल के तेल या देसी घी के साथ केसर को पीसकर चेहरे पर लगाया जाता है। दूध की मलाई के साथ केसर को चेहरे पर मलने से रंगत निखरती है।

पेट दर्द में आराम मिलता है

पेट में दर्द होने पर 5 ग्राम भुनी हींग, 5 ग्राम केसर, 2 ग्राम कपूर, 25 ग्राम भुना जीरा, 5 ग्राम काला नमक, 5 ग्राम सेंधा नमक, 100 ग्राम छोटी हरड़, 25 ग्राम वायविडंग के बीज, 25 ग्राम अजवाइन को एक साथ पीसकर इसका चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को सुरक्षित रख लें। पेट दर्द होने पर इस चूर्ण में से आधा चम्मच गर्म पानी के साथ सेवन करें, इससे आपको लाभ होगा।

नर्वस सिस्टम को बनाए बेहतर

दूध, चीनी और घी के साथ केसर का सेवन आपके दिमाग और नर्वस सिस्टम के लिए केसर अत्यंत लाभकारी है। इसके सेवन से पैरालिसिस, फेशियल पैरालिसिस जैसे मस्तिष्क संबंधी रोग, डायबिटीज के कारण होने वाली समस्याएं, लगातार बने रहने वाला सिरदर्द, हाथ-पैर की सुन्नता आदि में भी आराम मिलता है।
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आंखों के लिए फायदेमंद

अगर आप लगातार कंप्यूटर, मोबाइल, टीवी देखते हैं, तो इसका आंखों की रोशनी पर बुरा असर पड़ता है। इसके लिए 10 केसर के रेशे दूध के साथ मिलाकर सेवन करने से लाभ होता है। अगर असली चंदन को केसर के साथ घिसकर इसका लेप माथे पर लगाया जाए, तो आंखों की रोशनी बढ़ती है और सिर दर्द ठीक होता है। इससे नकसीर में लाभ होता है।

प्रसव के बाद केसर

प्रसव के बाद गर्भाशय शोधन के लिए केसर को अजवाइन के साथ मिलाकर सेवन करने से लाभ होता है। केसर जीरा, गुड़ और अजवाइन को देसी घी में मिलाकर सेवन करने से माता का दूध शुद्ध होता है और दूध अधिक मात्रा में बनता है। अगर प्रसव के बाद माता को 5 चम्मच कच्चे नारियल के दूध के साथ केसर के 10 रेशे में 2 चम्मच शहद मिलाकर सेवन कराया जाए तो काफी लाभ होता है।
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हृदय रोग में फायदेमंद

केसर का सेवन करने से हृदय संबंधी रोग दूर होते हैं। यह लो बीपी को नियंत्रित करता है। धमनियों में ब्लॉकेज को ठीक करता है। इसके सेवन से बढ़ा हुआ वजन कम  होता है। इसके लिए 5  ग्राम अर्जुन की छाल, 2 ग्राम  गिलोय, 2 ग्राम मुलेठी, 2 ग्राम पुष्करमूल, 2 ग्राम हल्दी, 2 ग्राम सौंफ, 2 छोटी इलाइची, 1 ग्राम कलौंजी तथा एक चौथाई ग्राम केसर को कूटकर एकसाथ मिलाकर डेढ़ कप दूध तथा डेढ़ कप पानी में हल्की आंच पर उबालें। जब यह एक कप रह जाए, तो छान कर गुनगुना होने पर पिएं।

बुद्धिवर्धक है केसर

केसर के सेवन से याददाश्त बेहतर होती है। इसके लिए केसर के 10 रेशे, 1 चम्मच गाय का मक्खन, 1 चम्मच ब्राह्मी का रस तथा 1 चम्मच शंखपुष्पी के रस में शहद मिलाकर रोजाना सेवन करें, स्मरण शक्ति बेहतर होती है।

सर्दी-जुकाम-बुखार में रामबाण

अगर छोटे बच्चे को सर्दी-जुकाम हो, तो इसके लिए बच्चे को दूध में मिलाकर केसर का सेवन कराएं। अदरक के रस में केसर और हींग को मिलाकर बच्चे या बड़े की छाती पर लगाने से लाभ होता है। सर्दी-जुकाम तथा बुखार में केसर रामबाण है।   
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इन्हें भी आजमाएं

जिन लोगों को मूत्र विकार हो, उन्हें पुनर्नवा के काढ़े के साथ केसर का सेवन करना चाहिए। घाव भरने के लिए केसर को घी या शहद के साथ मिलाकर घाव वाले स्थान पर लगाना चाहिए। माता के दाने (खसरा) होने पर केसर को अजवाइन एवं बड़ी इलाइची के छिलके के साथ उबालें और फिर हल्का गुनगुना करके रोगी को पिलाएं, इससे लाभ होगा। केसर के सेवन से भोजन ठीक से पचता है और पाचन तंत्र ठीक होता है। यह आंतों में होने वाले संक्रमण को भी ठीक करता है। इसके सेवन से दिल मजबूत होता है और शरीर में खून बढ़ता है। यकृत या लिवर में सूजन होने पर पेट पर इसका लेप करना चाहिए।

उपयोग करते वक्त रखें इन बातों का ध्यान

अधिक मात्रा में केसर का सेवन सेहत के लिए हानिकारक होता है। अधिक मात्रा में केसर का सेवन करने से पीठ में दर्द, आंखों में जलन, उल्टी होना, पेशाब में जलन आदि समस्या हो सकती है। 
Janshruti & Team | nisha nik''ख्याति''

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