` जनश्रुति
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गीता सार ग्यारवां अध्याय “विश्वरूपदर्शनयोग”
गीता सार दंसवा अध्याय “विभूतियोग”
गीता सार नांवा अध्याय “राजविधाराजगुह्ययोग”
गीता सार आंठवा अध्याय “अक्षरब्रह्मयोग”
गीत सार सांतवा अध्याय “संज्ञाज्ञानविज्ञान”